संस्कृति ही देश की असली पहचान : प. पू. प्रवीणऋषीजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : स्वाधीनता मिली, राजनीतिक स्वतंत्रता मिली, सत्ता भी मिली, लेकिन क्या सांस्कृतिक स्वतंत्रता मिली? संस्कृति हमारे देश की रीढ़ है। विविधताओं से सुसज्जित हमारे राष्ट्र की संस्कृति ही उसकी सच्ची पहचान है, ऐसा प्रतिपादन प. पू. प्रवीणऋषीजी म. सा. ने किया। प. पू. प्रवीणऋषीजी म. सा. ने कहा, हमारे राष्ट्र की … Read more