आत्मपरीक्षण ही सफलता का मार्ग है : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : हर समय आत्मपरीक्षण करते रहना ही सफल होने का मार्ग है। मेरे जीवन में जो कुछ भी होगा, उसके लिए मेरा कर्म या भाग्य ज़िम्मेदार नहीं होगा, बल्कि मैं स्वयं ज़िम्मेदार रहूँगा। ऐसे समय भाग्य या कर्म को दोष देने की बजाय यह देखना चाहिए कि स्वयं में किस प्रकार … Read more