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महाराष्ट्र जैन वार्ता
महाराष्ट्र जैन वार्ता
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : “श्री आनंदऋषिजी गुरुदेव पूज्य क्यों बने? क्योंकि वे अखंडता के उपासक थे। एक-एक व्यक्ति को जोड़ते जाना ही उनका मुख्य कार्य था। आचार्य आनंदऋषिजी वास्तव में अजातशत्रु थे,” ऐसा भावपूर्ण प्रतिपादन प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा. ने किया। परिवर्तन चातुर्मास 2025 के अंतर्गत आयोजित ‘आनंदगाथा’ प्रवचनमाला में उन्होंने बताया कि … Read more
श्रद्धालु एवं साधु-साध्वीवृंद की सुविधा हेतु की गई व्यापक व्यवस्थाएँ महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : परिवर्तन चातुर्मास 2025 के अंतर्गत पुणे शहर में प. पू. उपाध्याय श्री प्रवीणऋषिजी म. सा. (आदि ठाणा-२), दक्षिणज्योती प. पू. श्री आदर्शज्योतीजी म. सा. (आदि ठाणा-३), पूज्य जिनशासन गौरव प. पू. श्री सुनंदाजी म. सा. (आदि ठाणा-६) सहित समस्त साधु-साध्वीवृंद … Read more
प्रा. डॉ. संजय बी. चोरडिया यांचे प्रतिपादन : ‘सूर्यदत्त’मध्ये ‘नाईन अवर्स सायलेंट रीडॅथॉन २०२५’चे आयोजन पुणे : पुण्यातील सूर्यदत्त इन्स्टिट्यूट ऑफ हेल्थ सायन्सेस कॉलेज ऑफ फिजिओथेरपीमध्ये ‘नाईन अवर्स सायलेंट रीडॅथॉन २०२५’ या विशेष उपक्रमाचे आयोजन करण्यात आले. सलग नऊ तास मौन पाळून विद्यार्थ्यांनी वाचन, चिंतन आणि लेखन करून एकाग्रतेचा आणि सर्जनशीलतेचा अनोखा अनुभव घेतला. बावधन … Read more
कात्रज के आनंद दरबार में भव्य प्राणप्रतिष्ठा और शोभायात्रा संपन्न महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : आनंद दरबार, दत्तनगर कात्रज में भारतवर्ष में प्रथम बार राष्ट्रसंत आचार्य भगवंत प. पु आनंदऋषिजी म.सा. के 14 शुभचिन्ह युक्त ऊर्जा चरणों की विधिवत पूजा कर प्राणप्रतिष्ठा संपन्न हुई। प. पू. आचार्य भगवंत श्री विरागसागर सुरीश्वरजी म. सा. और वात्सल्य … Read more
महाराष्ट्र जैन वार्ता
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : बाहरी दुनिया में रहते हुए कैसे बोलना चाहिए, कैसा व्यवहार करना चाहिए यह सब आपको दुनिया सिखा देगी। लेकिन जीवन को देखने का सही दृष्टिकोण क्या होना चाहिए, यह केवल गुरु ही सिखा सकते हैं। जैसा आपका दृष्टिकोण होता है, वैसी ही आपकी भाषा बनती है और वैसा ही आपका … Read more
पुणे में भावपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई आठई तप की धारणा, 18 जुलाई से आरंभ होगा तप महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : परिवर्तन चातुर्मास 2025 के अंतर्गत, परम पूज्य उपाध्याय श्री प्रवीणऋषिजी म.सा. (आदि ठाणा-२), दक्षिणज्योती प. पू. श्री आदर्शज्योतीजी म.सा. (आदि ठाणा-३), जिनशासन गौरव प. पू. श्री सुनंदाजी म.सा. (आदि ठाणा-६), एवं समस्त साधुवृंद … Read more
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : जब श्रद्धा होती है, तभी ज्ञान प्राप्त होता है और जैसी श्रद्धा होती है, वैसा ही चरित्र बनता जाता है। श्रद्धा या श्रद्धा-प्रधान जीवन ही हमारे जीवन का प्राण होता है। यही बात तपस्या पर भी लागू होती है। यदि पुण्य कमाना है तो तपस्या आवश्यक है। तपस्या के बिना … Read more