योग बोध का मार्ग है – प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : योग बोध का मार्ग है, अध्यात्म का मार्ग है। यह पलायन का नहीं, बल्कि आत्म-अनुभूति और अविष्कार दिखाने वाला मार्ग है। अपने जीवन में पीछे मुड़कर देखने वाला व्यक्ति रोगी या भोगी हो सकता है, परंतु योगी कभी पीछे नहीं देखता। किसी को भोजन कराना या उसके लिए अच्छी बातें … Read more