दूसरों का दुःख जानिए : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : जो दूसरों का दुःख समझ नहीं सकता, दुःख सुन नहीं सकता या सुनने का प्रयास भी नहीं करता, वह ईश्वर का वरदान भी समझ नहीं पाएगा। दूसरों का दुःख जानने और समझने का प्रयास कीजिए। उनके दुःख का कारण क्या है, यह जानने की कोशिश कीजिए। उनके दुःख का निवारण … Read more