ध्यान साधना से आती है शरीर और मन की स्थिरता : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : ज्ञान साधना के माध्यम से ही हमें शरीर और मन की स्थिरता प्राप्त हो सकती है। जीवन में यह संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, ऐसा प्रतिपादन प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा. ने किया। वे परिवर्तन चातुर्मास 2025 के अंतर्गत आयोजित आनंदगाथा सप्ताह की प्रवचनमाला में बोल रहे थे। प. … Read more