दृष्टि भव्य और उदात्त रखें : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : आज के युग में हमें हर चीज़ तुरंत चाहिए होती है। और उतनी ही जल्दी हम उन्हें प्राप्त भी कर लेते हैं। कुल मिलाकर हमारे जीवन में एक प्रकार की गति या तेज़ी आ गई है। इस कारण से हमारे पास सोचने-समझने के लिए ज़्यादा समय नहीं रहता। ऐसे समय … Read more