उचित आहार से विचारों में स्वस्थता : प. पू. प्रवीणऋषिजी म. सा.
महाराष्ट्र जैन वार्ता पुणे : उचित आहार के कारण विचार भी स्वस्थ बन सकते हैं। कई बार हमें अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ता है। तब दवाइयाँ, डॉक्टर, अस्पताल जैसी चिकित्सा शुरू करनी पड़ती है। लेकिन यदि हम अपने भीतर थोड़ा सा बदलाव करके अपने भोजन की पद्धति में परिवर्तन करें, तो भविष्य में बीमारियों … Read more